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सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने सीवीसी को भेजे जवाब में मोदी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं

Penulis : Suhail Ansari on Saturday, 17 November 2018 | 04:11

Saturday, 17 November 2018

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बड़े अधिकारी के इशारे पर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी पर पक्षपात और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया है.


नई दिल्ली: बीते 23 अक्टूबर को केंद्र सरकार द्वारा छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी पर पक्षपात और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. इतना ही नहीं, आलोक वर्मा ने मोदी सरकार पर भी ये आरोप लगाया है कि उनकी वजह से ही इस समय देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी में घमासान चल रहा है.

हाल ही में आलोक वर्मा ने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ हैदराबाद के एक कारोबारी सना सतीश से रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया था. इसके बदले में राकेश अस्थाना ने भी आलोक वर्मा पर कुछ इसी तरह के आरोप लगा दिए.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सच का पता लगाने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग को जांच करने का आदेश दिया. इसके बाद सीवीसी ने आलोक वर्मा को जवाब देने के लिए कई सारे सवालों की एक सूची भेजी थी.

आलोक वर्मा का जवाब
द वायर  ने आलोक वर्मा द्वारा भेजे गए जवाबों की कॉपी देखी है. अपने जवाब में वर्मा ने राकेश अस्थाना पर तीखा हमला बोला है और मामले में सीवीसी जांच पर सवाल उठाया है. वर्मा ने कहा कि सतर्कता आयोग अस्थाना द्वारा उन पर लगाए गए आधारहीन आरोपों पर जोर दे रही है. वर्मा ने अपने जवाब में कहा कि अस्थाना ने उनके खिलाफ तभी आरोप लगाया जब उन पर एजेंसी द्वारा एफआईआर दर्ज किया गया.

सीबीआई निदेशक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी को निर्देश दिया था कि वे उनके खिलाफ उन आरोपों की जांच करे जो कि 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव के पास भेजा गया था. हालांकि उन आरोपों पर एक भी सवाल नहीं पूछा गया है. उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर सवाल 24 अक्टूबर, 2018 के बाद लिए गए निर्णयों से संबंधित हैं और ऐसा लगता है कि ये सब राकेश अस्थाना द्वारा सीवीसी को 18 अक्टूबर, 2018 को भेजे गए पत्र से है.’

वर्मा ने आगे कहा, ‘अक्टूबर में राकेश अस्थाना ने सीवीसी को जो पत्र लिखा गया था वो उन्होंने उनके खिलाफ रिश्वत मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद लिखा था.’ वर्मा ने कहा कि सीबीआई ने रिश्वत मामले में एक मुख्य आरोपी मनोज प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया है और सना सतीश के बयान दर्ज कर लिए गए हैं.

राकेश अस्थाना पर आरोप है कि उन्होंने सना सतीश से पांच करोड़ के रिश्वत की मांग की थी और उन्हें तीन करोड़ की पेमेंट कर दी गई है. वर्मा ने कहा कि सीबीआई के पास अस्थाना के खिलाफ वाट्सऐप मैसेजेस, कॉल इंटरसेप्ट्स और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स हैं.

वर्मा ने अपने जवाब में सीवीसी की जांच पर भी सवाल उठाया है और इस ओर इशारा कि है कि उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अस्थाना और केवी चौधरी को प्रधानमंत्री कार्यालय के बड़े अधिकारियों का समर्थन प्राप्त है.

वर्मा ने सीवीसी को लिखा, ‘ऐसा लगता है कि सीवीसी मेरी अखंडता और निष्पक्षता पर असर डालने के लिए घुमा-फिरा कर काम कर रही है. पिछले 39 सालों के मेरे करिअर में चार राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस फोर्स और दो संस्थानो (सीबीआई सहित) में काम के दौरान कभी भी मेरी निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठा है. मुझे इस बात को लेकर हैरानी है कि सीवीसी ने जिस तरीके से मुझसे सवाल पूछा है उससे ऐसा लगता है कि मैं पहले से ही दोषी हूं और मुझे खुद को निर्दोष साबित करना है.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘ऐसा लगता है कि अस्थाना को निर्दोष साबित करने की कोशिश हो रही है जबकि उनके खिलाफ रिश्वत मामले में एफआईआर दर्ज है और उनकी एसआईटी जांच के दायरे में है.’

सीबीआई निदेशक ने सीवीसी को याद दिलाया कि उन्होंने पिछले साल ही राकेश अस्थाना की अखंडता पर आपत्ति जताई थी लेकिन आयोग ने अस्थाना के खिलाफ आधा दर्जन मामलों की ओर जरा भी ध्यान नहीं दिया. वर्मा ने ये भी कहा कि सीवीसी और पीएमओ के अधीन आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, ने उनकी आपत्तियों को खारिज करते हुए साल 2017 में राकेश अस्थाना को विशेष निदेशक नियुक्त किया था.

वर्मा ने कहा, ‘मैंने ये बताया था कि सीबीआई राकेश अस्थाना के खिलाफ छह मामलों में जांच कर रही है, बावजूद इसके उनकी नियुक्ति की गई.’

अस्थाना के आरोप और वर्मा के जवाब
सीवीसी वर्मा के खिलाफ अस्थाना द्वारा लगाए गए चार आरोपों की जांच कर रही है. पहला आरोप ये है कि आलोक वर्मा उनकी जांच में हस्तक्षेप कर रहे थे और आईआरसीटीसी घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ छापेमारी रोकने की कोशिश की.

अस्थाना ने दूसरा आरोप ये लगाया है कि सीबीआई निदेशक ने मोईन कुरैशी मामले में उन्हें स्वतंत्र तरीके से जांच नहीं करने दे रहे थे और कई सारी अड़चने डाल रहे थे. तीसरा आरोप ये है कि आलोक वर्मा सीबीआई में दो ऐसे आईपीएस अधिकारियों की भर्ती की थी जिनका रिकॉर्ड ठीक नहीं है.

आखिरी आरोप ये है कि वर्मा ने चंडीगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर गुरनाम सिंह के घर पर छापेमारी से रोक दिया था. आय से अधिक संपत्ति के मामले में गुरनाम सिंह पर जांच चल रही है.

हालांकि वर्मा ने इन सभी आरोपों से इनकार कर दिया है. उन्होंने आधिकारिक नियमों, फाइल नोटिंग्स और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले को आधार बनाते हुए अपने फैसले को सही ठहराया है. वर्मा ने ये भी लिखा है कि इन सभी फैसलों में राकेश अस्थाना भी शामिल थे.

आलोक वर्मा ने कहा कि अस्थाना ने उस समय इनमें से किसी भी मामले में आपत्ति नहीं जताई थी. हालांकि अब वे रिश्वत मामले से ध्यान भटकाने के लिए ये विवाद खड़ा कर रहे हैं.

आईआरसीटीसी घोटाले में सीबीआई द्वारा आईआरसीटीसी निदेशक राकेश सक्सेना के खिलाफ जानबूझकर केस कमजोर के आरोप पर आलोक वर्मा ने कहा कि वे राजनीतिक पतन को लेकर चिंतित थे. इस मामले में मौजूदा बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बड़े अथिकारी नजर बनाए हुए थे.

वर्मा ने कहा कि वे जरुरी प्रक्रियाओं का पालन किए बगैर जल्दबजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहते थे. राकेश अस्थाना के अधीन काम कर रहे जांच अधिकारी लालू प्रसाद यादव और राकेश सक्सेना के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाए थे.
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आंध्र प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल ने भी सीबीआई के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की सरकारों के इस फैसले पर पलटवार करते हुए कहा कि जिनके पास छिपाने को बहुत कुछ है, वे ही अपने राज्यों में सीबीआई को नहीं आने दे रहे हैं.



कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने सीबीआई को राज्य में छापे मारने या जांच करने के लिए दी गई ‘सामान्य रजामंदी’ शुक्रवार को वापस ले ली. राज्य सचिवालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी.

पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले से ठीक पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने भी यही कदम उठाया है.

आंध्र प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को अपना समर्थन जताया था.

उन्होंने कहा, ‘चंद्रबाबू नायडू ने बिल्कुल सही किया. भाजपा अपने राजनीतिक हितों और प्रतिशोध के लिए सीबीआई व अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.’


मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक इसके बाद ममता बनर्जी ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें यह फैसला लिया गया.

पश्चिम बंगाल में 1989 में तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने सीबीआई को सामान्य रजामंदी दी थी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर होने की शर्त पर कहा कि शुक्रवार की अधिसूचना के बाद सीबीआई को अब से अदालत के आदेश के अलावा अन्य मामलों में किसी तरह की जांच करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी.

सीबीआई दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान कानून के तहत काम करती है. इससे पहले आंध प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने सीबीआई को राज्य में छापे मारने और जांच करने के लिए दी गई ‘सामान्य रजामंदी’ वापस ले ली.

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री (गृह) एन चिना राजप्पा ने संवाददाताओं से कहा कि सहमति वापसी लेने की वजह देश की प्रमुख जांच एजेंसी के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोप हैं. इसके बाद ममता सरकार का फैसला सामने आया.

आंध्र सरकार के इस कदम को मोदी सरकार और मुख्यमंत्री नायडू के बीच टकराव और बढ़ने के तौर पर देखा जा रहा है. नायडू 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा से मुकाबले के लिए गैर-भाजपा दलों का मोर्चा बनाने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं.

हालांकि राजप्पा ने साफ किया कि सीबीआई केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ राज्य की अनुमति के बिना जांच कर सकती है.

वहीं नायडू के इस कदम को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी समर्थन मिला है.



भाजपा का पलटवार
उधर, भाजपा ने नायडू सरकार के फैसले को भ्रष्टाचार, वित्तीय गड़बड़ियों और अन्य आपराधिक कृत्यों को बचाने की दुर्भावनापूर्ण कवायद कहा.

भाजपा के राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिंहा राव ने एक बयान में कहा, ‘राज्य सरकार ने सीबीआई में हालिया घटनाक्रम का हवाला कमजोर बहाने के तौर पर किया है और उसकी मंशा भ्रष्टों को बचाने एवं भ्रष्टाचार व आपराधिक कृत्यों में शामिल लोगों और संगठनों को राजनीतिक संरक्षण देने की है.’

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल की सरकारों के इस फैसले पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जिनके पास छिपाने को बहुत कुछ है, वे ही अपने राज्यों में सीबीआई को नहीं आने दे रहे हैं.


उन्होंने कहा, ‘केवल वही जिनके  पास छिपाने को बहुत है, वे ही सीबीआई को अपने राज्य में नहीं आने दे रहे हैं. भ्रष्टाचार के मामले में किसी भी राज्य की कोई संप्रभुता नहीं है. आंध्र सरकार का यह कदम किसी विशेष मामले के चलते नहीं बल्कि आगे क्या हो सकता है इस डर के चलते लिया गया है.

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क्या इस देश में अब बहस सिर्फ़ अच्छे हिंदू और बुरे हिंदू के बीच रह गई है?

कांग्रेस ने धर्मनिरपेक्षता का नाम लेना छोड़ दिया है. वह विचार जो उस पार्टी का विशेष योगदान था, भारत को ही नहीं, पूरी दुनिया को, उसमें उसे इतना विश्वास नहीं रह गया है कि चुनाव के वक़्त उसका उच्चारण भी किया जा सके.



मध्य प्रदेश के मतदाताओं को कांग्रेस वादा कर रही है कि वह गोमूत्र के व्यावसायिक प्रयोग का इंतज़ाम करेगी. गली-गली गोशाला खोलना तो अब कुछ अजूबा भी नहीं रह गया है.

गोमूत्र, गोबर, गोशाला आदि पर जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना जो एकाधिकार समझ रखा था, कांग्रेस अब उसे चुनौती दे रही है. लेकिन साथ ही हमें यह भी समझ लेना चाहिए कि यह मूर्खता के राष्ट्रीय अभियान में भी कमर कसकर उतर पड़ी है.

इससे एक और संदेह होता है. वह यह कि पहले शायद भाजपा हिंदुओं को पूरी मूर्ख समझ कर ऐसे वायदे किया करती थी तो दूसरे दल भी अब हिंदुओं के बारे में ऐसा ही कुछ सोचने लगे हैं.

वरना 125 साल पुरानी पार्टी, जिसे भारत में आधुनिक भाव बोध के अगुआ होने का भी अभिमान था, वह अब इसके सारे तक़ाज़े को ताक पर रखने को तैयार हो गई है, तो इसका अर्थ यही है कि अपने मतदाताओं को लेकर उसकी राय कुछ ऊंची नहीं रह गई है.

इसकी ख़बर अभी हमें नहीं कि दूसरे दल, जैसे बहुजन समाज पार्टी क्या इसी क़िस्म के वादे कर रहे हैं या नहीं! अगर ऐसा नहीं है तो क्या यह मान लिया जाए कि उनके मतदाता बिलकुल अलग प्रकार की आबादी के सदस्य हैं?

क्या उन्हें हिंदुओं के मत नहीं चाहिए? या वे हिंदुओं को समझदार मानते हैं? वामपंथी दलों को तो छोड़ ही दें. हिंदुओं के बीच से भी आवाज़ नहीं सुनाई देती कि राजनीतिक दलों का यह आचरण उनका अपमान है.

गाय या पंचगव्य को लेकर हिंदुओं में श्रद्धा है. दूसरे धार्मिक समुदायों में वही उस अनुपात में नहीं है. इसका अर्थ यह नहीं है कि वे इस कारण हिंदुओं से अधिक बुद्धिमान हैं.

उनमें मूर्खता के दूसरे स्रोत हैं. लेकिन अभी उन्हें छोड़ दें. क्योंकि कांग्रेस और भाजपा के इस प्रकार के वायदे से यही लगता है कि उन्होंने मान लिया है कि उनके मतदाता शायद सिर्फ़ हिंदू हैं. 2014 एक घबराहट-सी भारत के संसदीय दलों पर तारी है, वह यह कि हिंदुओं को किस प्रकार लुभाया जाए.

प्रतियोगिता हिंदुओं के मतों के लिए ही रह गई है और उसमें भी विचारधारात्मक भाषा उच्च वर्ण की है. इसलिए गाय को लेकर पूरा राजनीतिक चिंतन उच्च जाति की समझ से प्रेरित है जो हिंदुओं के दूसरे जातीय समुदायों पर भी हावी है.

कांग्रेस के सर्वोच्च नेता मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं. वे इसे पुरानी व्यक्तिगत धार्मिक आस्था का मामला बताते हैं. लेकिन इसका इतना भव्य प्रदर्शन क्यों होना चाहिए और क्यों वह चुनाव के वक़्त ही होना चाहिए, इसका संतोषजनक उत्तर वे नहीं दे पाते.

चुनाव के ही समय कांग्रेस ने राम वन गमन पथ यात्रा की भी सोची. राम मध्य प्रदेश के ही नहीं, पूरे भारत के वनों में घूमे हैं. इसलिए एक रामटेक नागपुर के पास भी है. आख़िर असम में भी राम कथा है और भीलों में भी.
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खोतौली का गायक अब टी-सीरीज पर Danish Alfaaz

Penulis : Suhail Ansari on Saturday, 20 May 2017 | 00:46

Saturday, 20 May 2017

Teri Tanhaiyan Latest Video Song | Danish Alfaaz, Poonam Chopra, Alex


#TeriTanhaiyan out now T-Series #Music ❤️
#DanishAlfaaz
#TeriTanhaiyan

खोतौली का गायक अब टी-सीरीज पर !!!



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TAJDEAL.COM New Online Shopping Platform Launch in India

Penulis : Suhail Ansari on Wednesday, 27 July 2016 | 12:15

Wednesday, 27 July 2016







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Nawazuddin Siddiqui Is Too Happy With Court's Selection For the Oscars

Penulis : Unknown on Sunday, 11 October 2015 | 09:39

Sunday, 11 October 2015

Nawazuddin Siddiqui said that (Chaitanya Tamhane's)  film Court is an outstanding movie


I AM Too HAPPY THAT COURT HAS BEEN SELECTED AS INDIA'S OFFICIAL ENTRY AT THE OSCARS. IT IS A Awesome FILM AND IT IS Great THAT A VERY FINE MOVIE HAS BEEN SELECTED. SOMETIMES THE SELECTION IS GREAT AND SOMETIMES IT IS NOT THAT GOOD BUT THIS TIME IT HAS BEEN A Very Wonderful CHOICE," SAID NAWAZUDDIN Siddiqui


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Los Angeles schools do not allow filming in Field After Alleged Porn Shoot


Los Angeles is one of his features it was used for a porn film that emerged when the school premises ordered to suspend the film shooting. "It worked great teaching in our schools care for all film and are not disturbed and that is important," Ramon Cortines, Los Angeles UNIFIED School District (LAUSD) chief, said in a statement on October 8
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Salman will soon be seen in Prem Ratan Dhan Payo The Upcoming Film

Salman khan upcoming film Prem Ratan Dhan Payo with Sonam Kapoor The release date is November 12, 2015
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भारतीय महिला तीसरी मंजिल, अस्पताल में हाथ काट क कूद गया : सऊदी नियोक्ता

रियाद: सऊदी अरब नियोक्ता, एक भारतीय घरेलू नौकर के हाथ काट का आरोप लगाया, औरत कथित तौर पर अपने घर की तीसरी मंजिल से कूद, जबकि वह बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के बाद उसके हाथ अस्पताल में काट करने के लिए किया था कि दावा किया गया है।

जिनके हाथ कटे था कस्तूरी Munirathinam, 58, वर्तमान में एक सऊदी अस्पताल में बाद देखा जा रहा है और भारत ने इस घटना की एक पूर्ण पैमाने पर जांच की मांग की है।

मामला हत्या का प्रयास का मामला अपराधी के खिलाफ दर्ज करने की मांग की है, जो भारत से एक मजबूत निंदा पैदा की।

नामित नहीं किया गया है, जो सऊदी प्रायोजक, सुश्री Munirathinam के दाहिने हाथ में एक खिड़की से कूद कर पलायन करने के लिए उसे असफल प्रयास का एक परिणाम के रूप में काट दिया गया था कि अरब न्यूज से कहा।

"गुरुवार को नौकरानी मेरी माँ Asr प्रार्थना प्रदर्शन कर रहा था, जबकि उसके कमरे में गया और अंदर खुद को बंद कर दिया।"

"वह चादरें एक साथ माँसपेशियाँ और उसके कपड़े के कुछ और वह तीसरी मंजिल से कूद कर सकता है ताकि खिड़की से बाहर रस्सी dangled," प्रायोजक कहा।

"सड़क पर एक भी विदेशी कामगार उसकी कूदने की कोशिश कर देखा, और वह गिर गया, जब वह अपने हाथ को गंभीर क्षति के कारण होता है, जो दो बिजली के बक्से, पर उतरा। कार्यकर्ता तो इमारत गार्ड को सूचित किया और मेरी माँ पुलिस और रेड क्रीसेंट सूचित घटना के बारे में। बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे और वह अपने दाहिने हाथ को विच्छेदन सर्जरी कराना पड़ा, जहां अस्पताल में नौकरानी का तबादला, "उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि भारतीय महिला 70 है और रियाद में एक मकान में अकेला रहता है, जो अपनी मां की सेवा करने के लिए दो महीने पहले भर्ती किया गया था।

"पुलिस दुर्घटना की जांच की और स्थल पर सभी सबूत की जाँच की और महिला को खिड़की से कूदने की कोशिश की कि यह निष्कर्ष निकाला और तीसरी मंजिल से गिर गया," उन्होंने दावा किया है।
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New Delhi: The Central Board of Secondary Education (CBSE) is likely to announce the Class X Board Results 2015 on May 21..

Penulis : Suhail Ansari on Monday, 18 May 2015 | 09:59

Monday, 18 May 2015

Earlier, it was expected that Class X CBSE Board Results 2015 could be announced either on May 19 or 20.
According to a data provided by the CBSE, a total of 13,73,853 students appeared for the class 10 CBSE board examination this year, a 3.37 per cent hike than last year. While 8,17,941 boys appeared for the exam; 5,55,912 girls sat for the exam this year.
The results for all regions will be declared on the websites of the board. Students can access their CBSE Class X Board 2015 results on www.cbse.nic.in

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नरेंद्र मोदी को अल्लाह याद आए तो अज़ान के वक़्त चुप हुए अमित शाह

Penulis : Suhail Ansari on Monday, 1 December 2014 | 22:09

Monday, 1 December 2014


लोकसभा चुनाव के बाद दो राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में मोदी की पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया और सरकार बनाई है. इस महीने दो राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने हैं. एक राज्य जम्मू-कश्मीर है तो दूसरा राज्य झारखंड है.

जब बीते हफ्ते जब मोदी जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चुनाव प्रचार कर रहे थे तो उन्होंने सार्वजनिक मंच से अल्लाह का नाम लिया.  मोदी ने कश्मरी के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि अल्लाह ताला ने कश्मीर को चिनाब नदी दी फिर भी यहां के लोग प्यासे क्यों हैं.

शायद यह पहली बार था जब मोदी अपनी छवि के उलट ऐसे शब्द का इस्तेमाल करते देखे गए.



दूसरी ओर आज बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह कोलकाता में बीजेपी की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए ममता सरकार पर जमकर बरसे. अमित शाह जब कोलकाता के विक्टोरिया हाउस के बाहर रैली को संबोधित कर रहे थे तो अज़ान की आवाज़ आई तो वे चुप हो गए.


मोदी का अल्लाह नाम लेना और अमित शाह का अज़ान के वक़्त चुप रहना इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि ये तरीका इन दोनों नेताओं की छवि के उलट है. 

दो साल पहले मोदी को जब एक मुस्लिम मौलवी ने टोपी पहनानी चाही थी तो उन्होंने इसे पहनने से इनकार कर दिया था.

मोदी ने जहां अल्लाह का नाम लिया वहां मुसलमान बाहुल्य हैं तो दूसरी तरफ अमित शाह जहां अज़ान के वक़्त चुप रहे वहां मुललमानों की बड़ी संख्या आबाद है. तो सवाल उठता है कि यह छवि बदलने की कोशिश है या मुसलमानों के वोट पाने की चाल?
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टाटा डोकोमो के यूजर्स के लिए अच्छी खबर

 नई दिल्ली: टाटा डोकोमो के यूजर्स को लिए अच्छी खबर है। टाटा डोकोमो ने अपने प्री-पेड कस्टमर्स को अगले महीने भी अनयूज़्ड डेटा के इस्तेमाल की आजादी दी है। लेकिन कंपनी की इस छूट का फायदा पाने के लिए यूज़र्स को अपनी डेटा पैक वलिडिटी एक्सपायर होने से पहले रिचार्ज करना पड़ेगा। 
 
टाटा डोकोमो ने कहा, 'यूज़र्स अपने अनयूज़्ड डेटा का इस्तेमाल आगे भी कर सकते हैं। 2G के लिए 2G पैक और 3G के 3G पैक को रिचार्ज करना होगा, लेकिन यह मौजूदा डेटा पैक की वलिडिटी खत्म होने से पहले करना होगा।'
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मोदी सरकार के 'यू-टर्न' पर कांग्रेस ने जारी की बुकलेट

नई दिल्ली
कांग्रेस ने मोदी सरकार के 6 महीने के कार्यकाल के दौरान विभिन्न मुद्दों पर यू-टर्न लेने का आरोप लगाते हुए एक बुकलेट जारी की है। इस बुकलेट में बताया गया है कि सत्ता में आने से पहले बीजेपी ने क्या-क्या वादे किए थे और सत्ता में आने के बाद कैसे वह उनसे पलट गई। '6 महीने पार, यू टर्न सरकार' टाइटल वाली इस बुकलेट में विभिन्न मुद्दों पर बीजेपी सरकार की 22 'पलटियों' का जिक्र किया गया है।

इस बुक को जारी करने के बाद कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि पिछले 6 महीने में बीजेपी सरकार 25 यू-टर्न ले चुकी है। उन्होंने कहा कि किताब में सिर्फ 22 यू-टर्न का जिक्र है, किताब छपने के लिए भेजने के बाद सरकार ने 3 और मुद्दों पर यू-टर्न ले लिया।

माकन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बांग्लादेश के साथ जमीन की अदला-बदली करने की बात कही, जबकि पिछले साल अरुण जेटली ने हमें चिट्ठी लिखी थी और इस कदम को राष्ट्र विरोधी करार दिया था। उन्होंने पूछा कि सोच में इतना बदलाव कैसे आ गया।
इस बुकलेट में सरकार की अहम नीतियों पर निशाना साधा गया है। रेल किराया, ब्लैक मनी, इंश्योंरेंस सेक्टर में एफडीआई 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी करने, पूरे देश में समान वस्तु और सेवा कर लाने, भूमि अधिग्रहण और फूड सिक्यॉरिटी कानून जैसे मुद्दों पर बीजेपी का घेराव किया है।

अजय माकन ने कहा कि बीजेपी ने विपक्ष में रहते हुए इश्योरेंस बिल और गुड्स ऐंड सर्विसेज़ टैक्स का विरोध किया था, मगर अब वह पार्टियों से अपील कर रही है कि राष्ट्रहित में इनका समर्थन करें। इसी तरह से बीजेपी ने पिछली यूपीए सरकार के भूमि अधिग्रहण और फूड सिक्यॉरिटी ऐक्ट का समर्थन किया था, लेकिन अब वह उन्हें दरकिनार करती दिख रही है।

राइट-टु-फूड, मनरेगा और आधार कार्ड पर सरकार के बदले हुए स्टैंड को भी निशाने पर लिया गया है। अजय माकन ने कहा कि बीजेपी सरकार नया कुछ नहीं कर रही, बस पिछली सरकार की नीतियों की नकल कर रही है। माकन ने कहा कि बीजेपी ने इलेक्शन से पहले सिर्फ सपने दिखाए थे और अब वह अपने वादों को भूल चुकी है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में बीजेपी अंधी हो गई थी।



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10 दिसंबर को आएगा सैमसंग का टाइजन स्मार्टफोन

नई दिल्ली। दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग के पहली बार टाइजन ओपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले फोन के भारत आने की खबर आ गई है। सूचना के अनुसार कंपनी द्वारा 10 दिसंबर को एक खास प्रेस कान्फ्रेंस की जाएगी जिस के तहत कंपनी अपने पहले टाइजन ओएस फोन को भारतीय बाजार में लांच करेगी।
टाइजन ओएस पर चलने वाले सैमसंग के इस पहले फोन का नाम ‘जेड1’ होने की संभावना है। फिलहाल खुद सैमसंग द्वारा इस मामले में कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
गौरतलब है कि अब तक के सैमसंग के अधिकतर डिवाइस गूगल के एंड्रायड ओएस पर ही काम करते हैं लेकिन ऐसा पहली बार होगा कि सैमसंग अपने खुद के बनाए हुए ओएस ‘टाइजन’ पर आधारित फोन को बाजार में लाने जा रही है।
अब देखना यह होगा कि सैमसंग की यह नई तकनीक कितनी सफल होती है और क्या इसका बाकी तकनीकों पर भी कुछ असर होगा या नहीं।

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...तो अब सुशांत के साथ रोमांस करेंगी आलिया!



नई दिल्ली: क्या आप भी है बॉलीवुड की क्यूट गर्ल यानि आलिया भट्ट के फैन? और आलिया के रोमांस को देखने के लिए बेकरार है. तो अब आपको इसके लिए ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं है क्योंकि डायरेक्टर होमी अदजानिया अपनी आने वाली फिल्म में आलिया के रोमांस को एक नए रुप में दिखाने वाले हैं लेकिन इस बार आलिया का रोमांस वरुण या सिद्धार्थ के साथ नहीं बल्कि सुशांत राजपूत के साथ दिखेगा.



जी हां! वरुण धवन, सिद्धार्थ मल्होत्रा और रणदीप हुड्डा के बाद अब बॉलीवुड की यह क्यूट गर्ल सुशांत सिंह राजपूत के साथ रोमांस करते नजर आने वाली हैं.

फिल्म ‘फाइंडिग फैनी’ के डायरेक्टर होमी अदजानिया अपनी आने वाली फिल्म में आलिया भट्ट और सुशांत सिंह राजपूत को एक नए रुप में पेश करने वाले हैं. बॉलीवुड गलियारे में इस बात की चर्चा है कि होमी की यह फिल्म एपिक लव स्टोरी पर आधारित होगी.

आलिया और सुशांत दोनों ही काफी अच्छी फिल्में कर चुके हैं. आलिया ने जहां अब तक तीन हिट फिल्में दी हैं, वहीं सुशांत भी कई फिल्मों में तारीफ बटोर चुके हैं.

इन दिनों जहां एक तरफ सुशांत दिबाकर बैनर्जी की फिल्म 'व्योमकेश बख्शी' की शूटिंग में व्यस्त हैं तो वहीं दूसरी तरफ आलिया 'शानदार' की शूटिंग में बिजी हैं.

अब यह देखना बाकी है कि फिल्म 'व्योमकेश बख्शी' में सबसे लंबा किसिंग सीन देने वाले सुशांत इस फिल्म में क्या गुल खिलाएंगे? यह उनके फैंस के लिए अवश्य ही चर्चा का विषय बनेगा.
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यह आदमी you tube से कमाता है 24 करोड़ रूपए

Penulis : Suhail Ansari on Tuesday, 24 June 2014 | 06:04

Tuesday, 24 June 2014

न्यूयॉर्क: सोशल नैटवर्किंग साईट यूट्यूब कई लोगों की कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है। यूट्यूब के सहारे कई लोग रातो-रात स्टार बन चुके हैं। वहीं इसमें से एक है स्वीडन के रहने वाले फेलिक्स केलबर्ग ।

इन्हें पीयूडाईपाई के नाम से भी पुकारा जाता है। अन्य लोगों की तरह ही फेलिक्स भी यूट्यूब के बहुत ही नामी स्टार हैं जिन्हें करोड़ों लोग यूटयूब पर देखते हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक फेलिक्स विज्ञापनों से हर साल 40 लाख डॉलर (लगभग 24 करोड़ रुपए) कमाते हैं। इसी के चलते फेलिक्स को इटंरनैट के स्टार भी कहा जाता है।

दरअसल फेलिक्स का एक चैनल है जिसका नाम पीयूडाईपाई। इसके चैनल के 2 करोड़ 70 लाख दर्शक हैं। यह तदाद अब तक की सबसे ज्यादा है। फेलिक्स का यह पीयूडाईपाई चैनल यूट्यूब का पर सबसे ज्यादा देखा जाने वाला चैनल बन गया।

गेमिंग जबकि इसके जैसे ही एक अन्य चैनल मैकिनिमा को अब तक 1 करोड़ 15 लाख दर्शक ही मिल पाए हैं। इतना ही नहीं बल्कि पीयूडाईपाई ने वन डायरेक्शन और माइली सायरस तक को भी पीछे छोड़ दिया।
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इंडिया टीवी की न्‍यूज़ एंकर ने की खुदकुशी की कोशिश

Penulis : Suhail Ansari on Monday, 23 June 2014 | 03:08

Monday, 23 June 2014


नई दिल्ली: देश में आए दिन खुदकुशी के कई मामले सामने आ रहें हैं। कोई भी दिन ऐसा नहीं गुजरता जब कहीं न कहीं से खुदकुशी की खबर न मिलती हो। ऐसा ही एक मामला एक निजी चैनल में सामने आया है।

जानकारी के अनुसार एक निजी चैनल इंडिया टी.वी की एक एंकर द्वारा खुदकुशी करने की कोशिश की गई। जिसका नाम तनु शर्मा है। खुदकुशी करने के बाद तनु शर्मा को तुरंत नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। हालांकि वह अभी खतरे से बाहर है।

सूत्रों से जानकारी मिली है कि निजी चैनल ने तनु शर्मा से इस्तीफा मांगा था, तनु शर्मा की अपने सीनियर्स से काफी समय से अनबन चल रही थी। सीनियर्स से चल रही अनबन की बात तनु ने स्वीकार की है। तनु ने फेसबुक पेज पर लिखे अपने सूसाइड नोट में अपने सीनियर्स पर मानसिक शोषण का आरोप लगाया है।

एंकर द्वारा की गई खुदकुशी की इस घटना के बाद से पूरे मीडिया जगत में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

चैनल के दो वरिष्ठ सहकर्मियों एम.एन.प्रसाद व अनीता शर्मा पर आत्महत्या के लिए उकसाने, मानसिक रुप से परेशान करने सहित अन्य में अलग-अलग धाराओं में पीड़िता ने तहरीर दर्ज कराई है।
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Uttar Pradesh Combined Premedical Test Cancelled After Paper Leak

Penulis : Suhail Ansari on Sunday, 22 June 2014 | 20:06

Sunday, 22 June 2014



Lucknow:  The Uttar Pradesh Combined Premedical Test (UPCPMT), which was scheduled for today, was cancelled after its paper was leaked in Ghaziabad, a senior official said in Lucknow.

Principal Secretary Navneet Sehgal said that as the paper was leaked, the examination which was scheduled for 9 A.M. now stands cancelled. A fresh date for the test will be announced later, Mr Sehgal added.

More than a lakh students were to appear in the test for admission to various medical colleges in the state. 

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Sunni Muslims do not consider Shiites,


New Delhi (Jagran News Network).ISIS militant organizations - such as becoming a threat to Iraq, by the way - the way to Iraq - Shia Muslims in other countries is increasing discomfort. The current situation in Iraq cause increased tension between Sunnis and Shia are. Between the two years since the death of Muhammad in 632, his successor differences still remain 

about the outcome.However, both have a lot in common, but they interpret Islamic beliefs individually as well.

Sunni against Shia Muslim population in the world are high. Some time in 2011-12 on behalf of the American Association Piu Research Center survey conducted in 200 countries in 2009 had a total Muslim population and the total population is 57 million billion (six billion 80 million) was 23 per cent. It claims to be the most populated Muslim groups. Well it does not Doray second largest religious group after Christians are Muslim. Piu 80 per cent of the total Muslim population is in Asia and North Africa.Muslim-majority country in West Asia and North Africa are the highest.
More Muslims live in non-Islamic countries
Three hundred million Muslims who live in countries not known as Islamic countries, such as India. There are more Muslims in China than in Syria. Similarly, Jordan and Libya, both in Russia has more Muslims. 10-13 per cent of the total population are Shia Muslims, Sunni 87-90 per cent.
Mostly Shiite Iran, Iraq, Azerbaijan, Pakistan and India. In addition, parts of Bahrain and Syria are also in southern Lebanon. Their population is 10-15 per cent in Saudi Arabia and Turkey. Turbulence and the resultant long-term migration battling Shi'ite and Sunni populations in Iraq precisely is difficult to calculate. Therefore, and also because some of Iraq in recent years the population has migrated to neighboring countries of Syria, Iraq has moved some populations. According to a survey conducted in 2007 in the Iraqi Shiite population was 49 per cent. Piu Research Center survey, 51 per cent Shia and Sunni in Iraq by 42 per cent. In contrast to neighboring Iran's Shiite population in the 90 to 95 per cent.
Sunni former Iraqi ruler Saddam Hussein and therefore their time Iran - Iraq continues in the clashes. Once the war broke out. In some countries where there are strong and both Shia and Sunni identity to remain articulate themselves in some countries there are only Muslims prefer to call. Piu According to the survey, 74 per cent in Indonesia and 56 per cent in Kazakhstan Shia or Sunni Muslims as himself refused to be identified.He told himself the only Muslim. In contrast to Iraq, saying that there were only 5 per cent. Sunnis in Iraq in 2011, 14 per cent said they do not consider Shia Muslims. In contrast, only one per cent Shia Sunni Muslims were non-believers. 53 per cent of Egypt, said the Shiite Muslims are Sunnis. ISIS don Abu Bakr Baghdadi also refuses to believe that Muslim Shiites.

 नई दिल्ली (जागरण न्यूज नेटवर्क)। चरमपंथी संगठन आइएसआइएस जैसे-जैसे इराक के लिए खतरा बनता जा रहा है, वैसे-वैसे इराक के साथ-साथ अन्य देशों के शिया मुसलमानों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। इराक के मौजूदा हालात शिया और सुन्नियों के बीच तनाव बढ़ाने का कारण बन रहे हैं। इन दोनों के बीच वर्ष 632 में मुहम्मद साहब के निधन के बाद से ही उनके उत्तराधिकारी को लेकर उपजे मतभेद अब तक कायम हैं। हालांकि, दोनों में बहुत कुछ साझा है, लेकिन वे कुछ इस्लामी मान्यताओं की व्याख्या अलग-अलग तरह से करते हैं।
दुनिया में मुसलमानों की कुल आबादी में शियाओं के मुकाबले सुन्नी अधिक हैं। कुछ समय पहले 2011-12 में अमेरिकी संस्था पियू रिसर्च सेंटर की ओर से 200 देशों में किए गए सर्वे के अनुसार 2009 में कुल मुस्लिम आबादी एक अरब 57 करोड़ थी और यह कुल आबादी (छह अरब 80 करोड़) का 23 फीसद थी। कुछ मुस्लिम संगठन इससे ज्यादा आबादी होने का दावा करते हैं। वैसे इसमें दोराय नहीं कि मुस्लिम ईसाइयों के बाद दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। पियू के अनुसार कुल मुस्लिम आबादी में से 80 फीसद एशिया और उत्तरी अफ्रीका में है। पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में मुस्लिम आबादी बहुल देश सबसे अधिक हैं।
गैर इस्लामिक देशों में रहते हैं ज्यादा मुस्लिम
तीस करोड़ मुस्लिम ऐसे देशों में रहते हैं जो इस्लामी देशों के तौर पर नहीं जाने जाते, जैसे कि भारत। चीन में सीरिया से अधिक मुस्लिम हैं। इसी तरह जार्डन और लीबिया, दोनों से ज्यादा मुस्लिम रूस में हैं। मुसलमानों की कुल आबादी में 10-13 फीसद शिया हैं, 87-90 फीसद सुन्नी ।
ज्यादातर शिया ईरान, इराक, अजरबैजान, पाकिस्तान और भारत में हैं। इसके अलावा वे बहरीन और सीरिया के कुछ हिस्सों के अलावा दक्षिणी लेबनान में भी हैं। सऊदी अरब और तुर्की में भी उनकी आबादी 10-15 फीसद है। लंबे समय से अशांति और उसके चलते पलायन से जूझ रहे इराक में इस समय शिया और सुन्नी आबादी की ठीक-ठीक गणना करना कठिन है। इसलिए और भी, क्योंकि हाल के वर्षो में इराक से कुछ आबादी पड़ोसी देशों को पलायन कर गई है तो सीरिया से कुछ आबादी इराक आ गई है। 2007 में किए गए एक सर्वे के मुताबिक इराक में करीब 49 फीसद आबादी शिया थी। पियू रिसर्च सेंटर सर्वे के हिसाब से इराक में शिया 51 फीसद हैं और सुन्नी 42 फीसद। इसके विपरीत पड़ोसी देश ईरान में 90 से 95 फीसद आबादी शिया है।
इराक के पूर्व शासक सद्दाम हुसैन सुन्नी थे और इसीलिए उनके समय में ईरान-इराक में तनातनी चलती रहती थी। एक बार युद्ध भी छिड़ा। जहां कुछ देशों में शिया और सुन्नियों में गहरे मतभेद हैं और दोनों अपनी अलग पहचान के प्रति मुखर रहते हैं वहीं कुछ देशों में वे खुद को केवल मुस्लिम कहलाना पसंद करते हैं। पियू के सर्वे के अनुसार, कजाकिस्तान में 74 फीसद और इंडोनेशिया में 56 फीसद मुसलमानों ने खुद को शिया या सुन्नी के रूप में चिन्हित करने से इन्कार किया। उन्होंने खुद को केवल मुस्लिम बताया। इसके विपरीत इराक में ऐसा कहने वाले केवल 5 फीसद थे। 2011 में इराक के 14 फीसद सुन्नियों ने कहा कि वे शियाओं को मुसलमान नहीं मानते। इसके विपरीत सुन्नियों को मुसलमान न मानने वाले शिया सिर्फ एक फीसद थे। मिस्त्र के 53 फीसद सुन्नियों ने भी कहा कि शिया मुस्लिम नहीं हैं। आइएसआइएस सरगना अबू बकर बगदादी भी शियाओं को मुस्लिम मानने से इन्कार करता है।


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Kargil was not Hindu, Muslim Khan Won

Penulis : Suhail Ansari on Wednesday, 9 April 2014 | 00:42

Wednesday, 9 April 2014


senior Samajwadi Party leader Azam Khan has said that India won the Kargil war were Muslims after him. Khan was speaking at a rally at Ghaziabad. The former army chief VK seat on the BJP ticket. Singh fighting and many voters are ex-military.


government in Uttar Pradesh's ruling Samajwadi Party Minority Affairs Minister Azam Khan said, "The soldiers of the Kargil triumphed over the top, he was not a Hindu but a Muslim. 


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